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परशुराम जयंती 2020 उत्सव

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परशुराम जयंती 2020 कब है? यह क्षेत्रीय भारतीय अवकाश वैशाख के महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया (तीसरे दिन) को मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जयंती मनाता है। PARSURAMA JAYANTI2020 हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान विष्णु के 6 वें अवतार माने जाने वाले महर्षि परशुराम की जयंती को सम्मान देने के लिए परशुराम जयंती मनाई जाती है। गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा राज्यों में, यह 2020 में 25 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाता है। पंजाब और मध्य प्रदेश राज्यों में, यह 2020 में 26 अप्रैल, रविवार को मनाया जाता है। इस दिन को उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जीवन की सुख-सुविधाओं का त्याग करने के रूप में उपवास करके मनाया जाता है। उपवास आमतौर पर एक दिन पहले शुरू होता है। यह नए प्रयासों को शुरू करने और नए व्यवसाय प्राप्त करने के लिए एक शुभ अवसर के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन को अक्षय तृतीया भी कहा जाता है। लोग उन मंदिरों की यात्रा भी करते हैं जो विशेष रूप से महर्षि को समर्पित हैं ताकि उन्हें उनकी आज्ञा का पाल...

महर्षि मतंग और माता सबरी

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शबरी श्री राम की परम भक्त थी जिन्होंने उन्हें झूठे बैर खिलाये थे, शबरी का असली नाम “श्रमणा” था, वह भील सामुदाय के शबर जाति से सम्बन्ध रखती थीं इसी कारण कालांतर में उनका नाम शबरी पड़ा । उनके पिता भीलों के मुखिया थे, श्रमणा उनका विवाह एक भील कुमार से तय हुआ था, विवाह से पहले कई सौ पशु बलि के लिए लाये गए जिन्हें देख श्रम बड़ी आहत हुई. यह कैसी परंपरा जिसके बेजुबान और निर्दोष जानवरो की हत्या की जाएगी इस कारण शबरी विवाह से 1 दिवस पूर्व भाग गई और दंडकारण्य वन में पहुंच गई। दंडकारण्य में मातंग ऋषि तपस्या किया करते थे, श्रमणा उनकी सेवा तो करना चाहती थी पर वह भील जाति की होने के कारण उसे अवसर ना मिलाने का अंदेशा था। फिर भी शाबर सुबह-सुबह ऋषियों के उठने से पहले उनके आश्रम से नदी तक का रास्ता साफ़ कर देती थीं, कांटे चुनकर रास्ते में साफ बालू बिछा देती थी। यह सब वे ऐसे करती थीं कि किसी को इसका पता नहीं चलता था। 1 दिवस ऋषिश्रेष्ठ को शबरी दिख गई और उनके सेवा से अति प्रसन्न हो गए और उन्होंने शबरी को अपने आश्रम में शरण दे दी। जब मतंग का अंत समय आया तो उन्होंने शबरी से कहा कि वे अपने ...

रामनवमी का पर्व

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हिंदू धर्म में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकम् को हिंदू नववर्ष शुरू होता है। चैत्र मास में ही शुक्ल पक्ष की नवमी को रामनवमी का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सतयुग मे इस दिन दशरथ की पत्नी कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम ने जन्म लिया था  जो धर्मपुरूष के नाम से जानें जाते हैं और श्रीराम ने राक्षस रावण का वध किया था। इस उपलक्ष में यह पर्व हिंदू धर्म में हर वर्ष हर्षोल्लास से मनाया जाता है। Share and comments are appreciated...